Saturday, 2 March 2013

घोषणा पत्र Kavita 104

घोषणा पत्र 

मैं दिल के मामलों में
कमज़ोर नज़र आती हूँ
पर जब भी फैसले की घड़ी आती है
दिल पर हावी हो जाता है दिमाग
और नहीं करने देता
कोई भी ऐसा फैसला
जिसमें किसी और की जीत नज़र आए
और मेरी हार।

किसी भी निर्णय में मेरा हारना
मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है।

संबंधों की गणना में
मेरा हिसाब कभी गलत नहीं होता।
मैं दिल से कमज़ोर ज़रूर हूँ
पर इतनी भी नहीं
कि हारने के लिए खुद को प्रस्तुत कर दूं
क्योंकि मेरा दिमाग हमेशा
दिल पर हावी रहता है।

मैं टूट सकती हूँ पर झुक नहीं सकती।

मैं धोखे से पीठ पीछे वार नहीं करती
मैं सच बता बता कर शर्मिंदा करती हूँ
ताकि दूसरा खुद चुल्लू भर पानी में डूब मरे।

मुझे चालें बहुत आती हैं अपने बचाव के लिए
उन्हीं चालों से मार सकती हूँ दूसरों को भी
पर मारती नहीं
मेरा धर्म मेरे आड़े आता है
मैं किसी पाप की भागीदार नहीं बनती।

जिसमे हिम्मत हो
वही मेरे पास आने का सोचे
क्योंकि वो या तो मेरा हो जाएगा
या जान से जाएगा।

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