Thursday, 27 June 2013

मधुमती अधिकारी की कविता I killed her का हिंदी अनुवाद

मधुमती अधिकारी की कविता I killed her का हिंदी अनुवाद

4-5 दिन पहले मधुमती अधिकारी की एक अंग्रेजी कविता I killed her उनकी पोस्ट पर पढ़ी थी, जो मुझे बहुत पसंद आई तथा मैंने उसका हिन्दी अनुवाद कर दिया। पुरुष का अहम् पोषित करने के लिए तथा प्यार में मात खाने पर स्त्री किस प्रकार अपने स्व का हनन करती है, यही इस कविता का मुख्य भाव है। संभवतः आपको पसंद आए।

मैंने उसे मार डाला।
मैंने उस औरत को मार डाला
जो ख़ुशी से झूम उठती थी
तुम्हारी आवाज़ की एक गूँज पर,
जिसका दिल तुम्हारी छाया मात्र देख कर
उछलने लगता था।

मैंने उसे मार डाला
जिसकी शिरायों में टीसता था
तुम्हारा एक छोटा सा भी दर्द
जिसका खून खौल उठाता था
तुम्हारे विरुद्ध कुछ होते देख।

मैंने उसे मार डाला
जिसका रोम-रोम
तुम्हारी आवाज़ सुन कर जाग उठता था
फिर से तुम्हारे प्यार में खो जाने के लिए,
जो घंटी की आवाज़ सुन कर दौड़ पड़ती थी
इस उम्मीद में कि शायद तुम हो।
मैंने उसे मार डाला।

मैंने उस औरत को मार डाला जो तुम्हारे लिए
एकाधिकार की हद तक पागल थी
जिसकी स्मृति तुम थे
जिसका ख्वाब तुम थे
जिसका उत्थान तुम थे
जिसका भंवरजाल तुम थे
जिसकी दवा तुम थे।

मैंने उसे मार डाला
उसके सपने, इच्छाएं, उत्कंठाएं
लेकिन इन सब के साथ
मैंने उसके संकोच को भी मार डाला
उसकी शर्म, उसके मासूम झूठ और दुखदायी सच।

मैंने उस औरत को मार डाला
जिसके भीतर की बच्ची
सिर्फ तुम्हारे सामने मुखर होती थी
जो बच्चों की तरह हँसने की जुर्रत करती थी
क्योंकि तुमने उसके एकरस जीवन में
अनेक रंग भरे थे,
मैंने उन रंगीन चित्रों को फाड़ डाला
ताकि वह असलियत का सामना कर सके।

'तुम मेरे हो' और 'मैं तुम्हारी हूँ'
उसकी इस एकमात्र तड़प से मैंने उसे मुक्त किया,
मैंने उसे उसकी हीन-ग्रंथि से बाहर निकाला
जिसने उसके व्यक्तित्व को जकड़ा हुआ था,
मैंने उसे जीवन और मृत्यु से मुक्त किया
क्योंकि उनका अब कोई अर्थ नहीं था।
मैंने उस औरत को मार डाला।
(मधुमती अधिकारी)

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