Thursday, 25 July 2013

फिर से शुरू करें Kavita 156

फिर से शुरू करें

एक जो हँसने को सहारा था
वह मैंने तोड़ दिया
एक जो जीने को सहारा था
वह तुमने तोड़ दिया.

हँसे बिना रह लूँगी मैं
तुम जीये बिना कैसे रहोगे?
जीयेंगे तभी तो हँसेंगे
तुम जीते, मैं हँसती.

तुम्हें जीना नहीं आता
मुझे हँसना नहीं आता
मैं तुम्हें जीना सिखाती
तुम मुझे हँसना सिखाते.

मैं जीना सिखा रही थी
पर तुम बेखबर थे
तुमने हँसना सिखाना चाहा
मैंने ध्यान नहीं दिया.

अब फिर से शुरू करें
शुरू से ही शुरू करें
जीना तुम्हारे लिए ज़रूरी है
हँसना मेरे लिए ज़रूरी है.

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