Thursday, 5 September 2013

छोटी कविता : 14

छोटी कविता : 14

वह मुझे भूल ही गया होगा शायद
इतने दिन से उसने
लड़ाई का कोई पैगाम नहीं भेजा.
अरे आजा, लड़ने के लिए ही आजा
भरोसा तो रहे कि तू मुझे भूला नहीं है.

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