Wednesday, 4 September 2013

छोटी कविता : 13

छोटी कविता : 13

तुम्हारे झूठे प्रेम-पत्रों ने
मुझे सच्चा योगी बना दिया।
तुम्हारे झूठे प्रेम-प्रहार ने
मुझे सच्चा सन्यासी बना दिया।
अब मुझमें दुनिया से
लड़ने और इसे जीतने की शक्ति है.
तुम धन्य हो मेरे झूठे प्रेमी।
तुमने मुझे कहाँ से कहाँ पहुंचा दिया।

No comments:

Post a Comment