Friday, 6 September 2013

छोटी कविता : 15

छोटी कविता

मेरे आत्मसखा !
तुम्हारी यादों का खज़ाना
कभी अतीत नहीं बनेगा
यह भविष्य में भी
वर्तमान बन कर मेरे साथ चलेगा।
देखना चाहो तो तुम भी चलो साथ.

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