Friday, 28 March 2014

उतना दर्द Kavita 186

उतना दर्द

दिल में जितना प्यार है, उतना दर्द है
आँखों में जितने सपने हैं, उतने आँसू हैं
चेहरे पर जितनी आस है, उतना संत्रास है
अंतस में जितने भरम हैं, उतने ज़ख्म हैं
अहसास में जितनी जीत है, उतने सदमे हैं
होठों पर जितनी हँसी है, उतनी चुप्पी है
पाँव में जितनी गति है, उतना बोझ हैं
बातें जितनी चंचल हैं, उतनी ग़मगीन हैं
मौसम जितना खुशनुमा है, उतना दुखदायी है
शर्तों पर जितनी दोस्ती है, उतनी दुश्मनी है
जीवन जितना सरल दिखे, उतना जटिल है
मृत्यु जितनी मोहक दिखे, उतनी कठिन है.

No comments:

Post a Comment