Thursday, 30 October 2014

Spirit यानि आत्मा

Spirit यानि आत्मा

क्या वाकई Spirit यानि आत्मा का अस्तित्व है? हर युग में, हर काल में यह प्रश्न उठता रहा है और इसका उत्तर खोजने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान करते रहे हैं. एक बार कुछ डॉकटरों ने इसका अनुसंधान करने के लिए एक तजुर्बा किया। अस्पताल में एक वृद्ध की मृत्यु की चंद घड़ियाँ शेष थीं. जब डॉक्टरों को यकीन हो गया कि बस, अब वह वृद्ध मरने ही वाला है और उसके बचने की कोई उम्मीद नहीं है तो उन्होंने उसे एक शीशे के बॉक्स में लिटा दिया और बॉक्स को ठीक से बंद कर दिया। कुछ क्षण बाद वृद्ध की मृत्यु हो गई. डॉक्टरों ने बॉक्स को खोला, बॉक्स की अच्छी तरह जाँच की तो पाया कि बॉक्स के ऊपर वाले ढक्कन में एक हलकी सी तरेड़ थी, जैसे आत्मा शीशे को तोड़ कर निकल गई हो. उन्हें यकीन हो गया कि आत्मा का अस्तित्व है, आत्मा होती है लेकिन नज़र नहीं आती. जब तक आदमी ज़िन्दा रहता है, आत्मा उसके भीतर रहती है. आदमी के मरने के बाद आत्मा उसके शरीर को छोड़ कर चली जाती है. यानि आदमी का अस्तित्व शरीर से नहीं, आत्मा से है. शरीर मरता है, आत्मा नहीं। शरीर सिर्फ कर्म के लिए है, सुख-दुःख, ख़ुशी-गम का उपभोग करने के लिए है, शैशव, यौवन, वृद्धावस्था में रूप बदलने के लिए है, नष्ट होने के लिए है. आत्मा नष्ट नहीं होती। अजीब है ना? जो नश्वर है, वह दिखता है, जो अजर-अमर है, वह दिखता नहीं। सच में अजीब है. 

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