Saturday, 20 December 2014

16. एक भावचित्र : स्त्री-जीवन

16. एक भावचित्र : स्त्री-जीवन

क्या स्त्री का मूल्य उसके गर्भ-धारण करने की क्षमता के कारण ही है? जब वह गर्भ-धारण के योग्य नहीं रहती तो क्या पुरुष की दृष्टि में उसका मूल्य घट जाता है? माँ बनना स्त्री का भी सौभाग्य है. लेकिन यदि स्त्री अपने यौवन काल में ही माँ बनने की काबलियत न रखे या एक ख़ास उम्र पर पहुँच कर माँ बनने की काबलियत खो दे तो क्या वह पुरुष के प्रेम के योग्य नहीं रहती? क्या स्त्री-पुरुष प्रेम का अर्थ मात्र बच्चे पैदा करना है? क्या स्त्री-पुरुष प्रेम मात्र शारीरिक होता है? क्या केवल स्त्री का शरीर ही पुरुष को आकर्षित करता है? क्या स्त्री-पुरुष के मध्य शारीरिक ऐषणा के सिवा लगाव का अन्य कोई आधार नहीं होता? शरीर है क्या? आज जले, कल राख. आज महके, कल ख़ाक. आज लिखा, कल साफ़. प्रश्न अनेक हैं, अबूझ है, जैसे जीवन अबूझ है, विशेषकर स्त्री का जीवन।


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