Monday, 5 January 2015

पर्दाफ़ाश 3 : दुर्जन के संवाद

पर्दाफ़ाश 3 : दुर्जन के संवाद

आपमें से शायद किसी को याद हो कि दो साल पहले मुझे कुछ गलत किस्म के सन्देश फोन पर आए थे, जिनके बारे में मैंने पुलिस में रिपोर्ट कर दी थी. पुलिस तो खैर क्या पता लगाती, हाँ, खुद ही पता चल गया, जब एक दुर्जन के ये संवाद मुझ तक पहुँचे : पुलिस मुझसे यह पूछेगी तो मैं यह कह दूँगा, पुलिस मुझसे वह पूछेगी तो मैं वह कह दूँगा। वाह वाह, दुर्जन, सब कुछ तुम ही कह दोगे, बाकी सारों के तो दिमाग है ही नहीं ना? (यह व्यक्तिगत किस्म की पोस्ट यहाँ लिखने से सन्देश सही व्यक्ति तक पहुँच जाता है, बस इतना ही मकसद है.)

मुझे तो अपने ऊपर नाज़ होता है कि मेरी इस उम्र में भी मुझे लोग लड़के-लड़की के चक्कर में यूँ उलझाए हुए हैं.

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