Tuesday, 20 January 2015

डा. मीनल शर्मा

डा. मीनल शर्मा

कुछ महीने पहले मैंने एक पोस्ट लिखी थी, Is there any Psychologist / psychiatrist out there on Facebook?...... एक फेसबुक मित्र ने मुझे मैसेज में लिखा कि फेसबुक पर पहले उनकी एक मित्र थीं, जो Psychology Counsellor हैं, मैं उन्हें फेसबुक मित्र बना सकती हूँ. मेरे द्वारा नाम पूछने पर उन्होंने मुझसे बार-बार वादा लिया कि मैं उन्हें उनका नाम न बताऊँ, साथ ही मुझसे कहा, 'देखिए, वह बहुत घमंडी हैं, कुछ खड़ूस टाइप की हैं, अपने सामने किसी को कुछ समझती नहीं, अपने को बहुत अक्लमंद समझती हैं, तो आप उनसे सँभल कर बात कीजिएगा। उनका कोई भरोसा नहीं कि वह आप जैसी बड़ी लेखिका को कुछ उल्टा-सीधा बोल दें.' मैंने कहा, 'मैं आपका नाम नहीं बताऊँगी।' खैर, उन मित्र ने मुझे उन Psychology Counsellor का नाम लिख दिया। मैंने उनकी प्रोफाइल खोल कर देखी, दो-चार और साझे मित्र थे, मैंने फ्रेंड्स रिक्वेस्ट भेज दी, जो दो दिन तक ऐसे ही पड़ी रही. मैंने वापस ले ली. फिर दो दिन बाद भेजी जो उन्होंने स्वीकार कर ली. बस. मैंने उनसे कोई बात नहीं की. फिर मैंने देखा, वह मेरी पोस्ट पर लाइक-कमेंट कर रही हैं, धीरे-धीरे यह हुआ कि उन्होंने मुझे मैसेज में बताया (जैसे अन्य कई महिला मित्र बता चुकी हैं) कि वह मेरी पोस्ट बहुत ज़्यादा अपने करीब पाती हैं, और मुझ से दिल से जुड़ा हुआ महसूस करती हूँ, और ऐसा ही बहुत कुछ. जिसने मुझे आकाश की ऊँचाई पर पहुँचा दिया। मैंने पाया कि यह तो बहुत ज़्यादा विनम्र हैं, ज़रा भी उस तस्वीर जैसी नहीं जैसी उस पुरुष मित्र ने खींची थी.

उन पुरुष मित्र को मैंने एक बार Unfriend करके उनके अनुरोध पर दुबारा फ्रेंड स्वीकार किया था, और दुबारा भी मुझे उन्हें Unfriend करना पड़ा, अब वह ब्लॉक हैं, कारण, उनका किसी न किसी बहाने से बार-बार मैसेज में बात करना, तथा मेरी पोस्ट पर फूहड़ कमेंट करना था. ऐसा ही वह उन Psychology Counsellor के साथ करते होंगे, जिन्होंने भी इसी कारण उन्हें अपनी लिस्ट से बाहर खदेड़ दिया होगा। अजी कौन बर्दाश्त करेगा ऐसों को, जिनका मकसद फेसबुक पर सिर्फ दोस्ती के लिए आना होता है लेकिन उन्हें यह अंदाज़ा नहीं होता कि कौन उनसे बात करना पसंद करेगी, कौन नहीं? हैं ऐसी बहुत सी लड़कियाँ / महिलाएँ भी, जो बात करती हैं, मैं भी हूँ लेकिन अपनी बुद्धि से अन्दाज़ा लगाना होगा कि कौन आप से बात करना पसंद करेगा?

तो मित्रों, मेरी यह मित्र हैं डॉ मीनल शर्मा. हाँ, वादे के मुताबिक़ मैं उन सज्जन का नाम नहीं बताऊँगी। जनाब, हम दुश्मनी भी दोस्ती की तरह निभाते हैं.


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