Thursday, 19 March 2015

पुपुल जयकर

पुपुल जयकर

हमारे यहाँ की महिलाओं ने भी बड़े-बड़े काम किए हैं. कई तो उस उम्र तक कर्मठ और क्रियाशील रहीं जिस उम्र को जीवन का चौथा चरण माना जाता है और जिस उम्र तक आते-आते व्यक्ति शारीरिक रूप से अंजर-पंजर हो जाता है यानि लगभग समाप्त हो जाता है. ऐसी ही एक महिला थीं पुपुल जयकर, जो सत्तर वर्ष की आयु में राजीव गाँधी के कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री बनीं तथा राजीव गाँधी की सांस्कृतिक सलाहकार रहीं। मेरे ख्याल से इतनी आयु में इस पद को प्राप्त करने वाली ये प्रथम महिला रही होंगी। ये लेखिका भी थीं और अपने देश के हस्तशिल्प एवं हस्तकरघा कार्यों से जुडी हुई थीं. इनकी पुस्तकों में जे. कृष्णामूर्ति की जीवनी J. Krishnamurti : A Biography (1988) और इंदिरा गाँधी की जीवनी Indira Gandhi : An Intimate Biography (1992) शामिल हैं. इनकी मृत्यु 29 मार्च, 1997 में 82 वर्ष की अवस्था में हुई. अच्छा लगता है ना किसी को, विशेषकर महिला को इतनी आयु तक चुस्त-दुरुस्त देख कर. ऐसी महिला हमारे लिए प्रेरणा-स्वरूप हैं.

नीचे तस्वीर में पुपुल जयकर 1985 में राजीव गाँधी के साथ, उन्हें कोई पुस्तक भेंट करते हुए.


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