Monday, 20 April 2015

छोटी कविता 21

छोटी कविता 21

तुम्हारे प्यार में ऐसे भीगे
कि अब तक सूखे नहीं।
तुम्हारे प्यार की नमी को
सोखने के लिए
बार-बार दिल को जलाया
लेकिन हर बार अपने को
और भीगा हुआ पाया।

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