Monday, 20 April 2015

एसिड पीड़िता सोनाली मुखर्जी

एसिड पीड़िता सोनाली मुखर्जी

वह 22 अप्रेल, 2003 की एक भयावह रात थी, जब अपने घर के टेरेस पर सो रही 18 वर्षीय सोनाली मुखर्जी पर एसिड डाल कर उनसे न जाने कौन से जन्म का बदला उनके दुश्मनों ने लिया था. उनके पिछले 12 वर्ष चिकित्सकीय उपचारों और कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने में बीते। बहुत जद्दोजहद के बाद उन्हें सन 2012 में सरकारी नौकरी भी मिली। लेकिन उनकी शक्लो-सूरत जो एक बार बिगड़ी, वह फिर से अपने सही रूपाकार में नहीं आ सकी. एक कहावत है, 12 साल बाद घूरे के भी दिन बदलते हैं, यह कहावत सोनाली मुखर्जी पर शत-प्रतिशत सही उतरी। इसे आप चमत्कार भी कह सकते हैं कि जिसकी कभी सोनाली या उनके घर-परिवारवालों ने कल्पना भी नहीं की होगी, उनके जीवन में वह सुखद दिन आ गया, जब एसिड हमले की इस पीड़िता सोनाली मुखर्जी का विवाह इस 16 अप्रेल को उड़ीसा में कार्यरत इलेक्ट्रिकल इंजिनियर चितरंजन तिवारी के साथ सम्पन्न हुआ. संघर्षशील और जिजीविषा से भरपूर सोनाली के बारे में जब चितरंजन तिवारी को मीडिया से पता चला, तो उन्होंने उनसे सोशल नेटवर्क फेसबुक पर संपर्क किया। कुछ दिनों की बातचीत में ही दोनों ने एक-दूसरे को पसंद किया और अपनी मित्रता को एक रिश्ते का नाम देने का शुभ संकल्प लिया, और 16 अप्रेल को वे विवाह-सूत्र में बँध गए. सन 2012 में सोनाली टीवी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' में भी भाग लेकर सुर्ख़ियों में आई थीं. उनके मन में जीने की अदम्य लालसा थी और मुश्किलों से मुकाबला करने का माद्दा। सोनाली के जैसे हालातों में उन्हें जीवन साथी मिलना मानों उन्हें भगवान की ओर से मिला विजय-पुरस्कार है, भगवान का आशीर्वाद है, उनके किसी पुण्य का प्रसाद है. उनके सुखी गृहस्थ जीवन के लिए हम सब की दुआएँ उनके साथ हैं.



No comments:

Post a Comment