Friday, 8 May 2015

मदर्स डे पर तोहफ़ा

मदर्स डे पर तोहफ़ा

सुना है, मदर्स डे आने वाला है. सच, बच्चे जब बड़े हो जाएँ तो कोई एक दिन तो निश्चित हो, जब वे अपनी माँ के पास बैठें। सालों पहले जब मेरे पुत्र ने लम्बा होना शुरू किया था, मैं उससे कहती थी, 'बस, बस, और बड़ा मत हो, तेरे बड़ा होने से लोगों को लगता है कि मैं बड़ी हो रही हूँ. मुझे बूढ़ा करके छोड़ेगा।' अब मेरे पुत्र ने कहा, 'मम्मी, मैं बूढ़ा हो गया पर आप बूढ़ी नहीं हुईं।' सच पूछो तो लड़के-लडकियाँ जब तीस के होते हैं तो अपने को ढलता हुआ महसूस करते हैं और चालीस के हो जाएँ तो बूढ़ा। अब हम जैसे कहाँ मिलेंगे जो मर-मर कर जी उठते हैं और हर मरने के बाद जी उठने पर अपने को फिर से 'नया' महसूस करने लगते हैं. जाने दीजिए. तो जनाब, बेटे ने कहा, 'मैं बूढ़ा हो गया पर आप बूढी नहीं हुईं।' यह बात कोई और कहता तो मैं समझती, फ्लर्ट कर रहा है. गज़ब है ना, आजकल बच्चे भी? माँ-बाप से फ्लर्ट करते हैं. मदर्स डे पर इससे बड़ा तोहफ़ा कोई क्या देगा किसी माँ को?



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