Wednesday, 3 June 2015

कथाकार शिवमूर्ति

कथाकार शिवमूर्ति
(अखबार 'अमर उजाला' के 3 जून के अंक के हवाले से)

डा. शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्विद्यालय में 65 वर्षीय कथाकार शिवमूर्ति ने एम ए हिंदी में प्रवेश के लिए फॉर्म भरा है. इसी यूनिवर्सिटी के एम ए के कोर्स में उंनकी कहानी 'तिरिया चरित्तर' पढ़ाई जाती है, जिस पर नसीरुद्दीन शाह एवं ओम पुरी अभिनीत फिल्म बनाई जा चुकी है. तो अब शिवमूर्ति भाय एम ए में अपनी लिखी कहानी पढ़ेंगे और उस पर प्रश्नोत्तर तैयार करके परीक्षा भी देंगे। शिवमूर्ति जी का कहना है कि उन्होंने बी ए ज़रूर किया है लेकिन यूनिवर्सिटी वह पहली बार जाएँगे। उनके बच्चे बड़े हो चुके हैं, सेटल हो गए हैं, इसलिए उन्हें लगा कि आगे और पढ़ाई पढ़ लेनी चाहिए। बधाई हो, शिवमूर्ति भाय, आप सफल हों, अन्य बंधुगण आपसे प्रेरणा लें. (एक बात इस सन्दर्भ से हट कर कि मैंने 'तिरिया चरित्तर' कहानी की समीक्षा की थी जो कहीं छपी भी थी, और मेरे निबंध संग्रह 'प्रसंगवश' में संकलित है. कभी यहाँ डाल दूँगी। भाय शब्द का प्रयोग शिवमूर्ति ने इस कहानी में किया है, ख़ास मित्र के अर्थ में)


1 comment:

  1. apni kahani ki padhai karna bahut kathin hai kai sanshodhan layenge

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