Monday, 8 June 2015

मन्नो तेरी अँखियाँ सुरमेदानी

मन्नो तेरी अँखियाँ सुरमेदानी

मनु पर लिखी यह कविता गीत 'बन्नो तेरी अंखियाँ सुरमेदानी' की तर्ज़ पर है, जो मनु के बहाने से समस्त किशोरी लड़कियों को सम्बोधित है।

मन्नो तेरा मुखड़ा चाँद सा रे
मन्नो तेरी अँखियाँ सुरमेदानी।

मन्नो तेरा नखरा प्यारा लागे
मन्नो तेरी ज़िद है दिल लुभानी।

मन्नो तेरे सपने बेहिसाबी
मन्नो तेरा उड़ना आसमानी।

मन्नो तेरे दिल का जोश वाह-वाह
मन्नो है यह दुनिया शातिरानी।

मन्नो तेरी बतियाँ रस भरी री
मन्नो तुझ पर मैं मर-मर जानी।

मन्नो तेरा दिल है भोला-भाला
मन्नो ज़रा रखियो सावधानी।

मन्नो यह जिंदड़ी टेढ़ी-मेढ़ी
मन्नो यहाँ हर पल है हैरानी।

मन्नो यह दिल है बड़ा फरेबी
मन्नो मत करियो तू नादानी।

मन्नो तेरी मस्ती छल-छल छलके
मन्नो तेरी अल्हड़ सी रवानी।

मन्नो बस पर्दा लाज का रे
मन्नो तू रखियो आँख में पानी।

मन्नो तुझे हर पल जीतना है
मन्नो तू लिखियो ख़ास कहानी।

मन्नो तेरा सुन के अच्छा-अच्छा
मन्नो तेरे अपने सब गर्वानी।

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