Tuesday, 8 March 2016

ABVP rebels to burn Manusmriti copy on Women’s Day

ABVP rebels to burn Manusmriti copy on Women’s Day
ABVP JNU unit ने कहा है कि "वे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दिन मनुस्मृति की प्रति को जला कर यह जताना चाहते हैं कि जो सिस्टम भेदभाव की नीति की वकालत करता है, उसे ख़त्म कर देना चाहिए। मनुस्मृति को जलाना ज़ुल्मों के इतिहास को जलाने के समान होगा। इसमें लिंग और जाति के आधार पर भेदभाव तथा महिलाओं के लिए अपमानजनक बातें लिखी हैं. बी आर एम्बेडकर ने भी मनुस्मृति की एक प्रति को जलाया था. एक लोकतांत्रिक देश में इस तरह के पिछड़े विचारों के लिए कोई स्थान नहीं है. वामपंथी पार्टी के छात्रों ने भी इस अभियान में शामिल होने की बात कही है." यह छात्रों ने कहा है.
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मनुस्मृति को जला दो. सारे धर्मग्रन्थ जला दो. सारे इतिहास जला दो. कोई दस्तावेज़ न रहने दो मनुष्यता के विकास का.
क्या ये तुलसीदास को भी नहीं छोड़ेंगे? तुलसीदास ने रामचरित मानस में लिखा है....
ढोल, गँवार, शूद्र, पशु, नारि
ये सब ताड़न के अधिकारि।
ताड़न शब्द संस्कृत के ताड़ से बना है, जिसके दो अर्थ होते हैं. एक तो सामान्य अर्थ, जो सब समझते हैं, पीटना। दूसरा शिक्षा देना। उदाहरण के लिए देखिए कि कौटिल्य ने चाणक्य नीति में लिखा है....
लालने बहवो दोषः, ताडने बहवो गुणः
तस्मात पुत्रं च शिष्यम च, ताडयेत न च लालयेत.
अर्थात लाड़ करने में बहुत से दोष होते हैं और शिक्षित करने में बहुत से गुण. अतः बच्चों और छात्रों का लाड़ करने की बजाय उन्हें शिक्षित करना चाहिए।
अतः यह समझा जाए कि तुलसादास जी ने निम्न जातियों एवं स्त्रियों को शिक्षित करने की बात पर ज़ोर दिया है. इसी प्रकार लक्षणा से पशुओं को काबू में करने और ढोल के स्वर को ठीक करने के लिए उसकी मरम्मत करने की बात कही है.
ताड़न का अर्थ तारण यानि तारन से भी समझा जाता है कि ये सब तारने के, उद्धार किए जाने के पात्र हैं.
हर ग्रन्थ अपने समय का दस्तावेज़ होता है. उसे अमानत के तौर पर संभाल कर रखना ज़रूरी है. जिनमे मूलतः शिक्षा का अभाव होगा, वही किसी ग्रन्थ को जलाने की बात करेगा। आखिर कितने लोगों ने पढ़ी है मनु स्मृति? ऐसे तो सारे इतिहास जला दो, सारे पौराणिक ग्रन्थ जला दो. पर सभी धर्मों-सम्प्रदायों के जलाओ ना. और हाँ, सबसे पहले तो अपनी किताबें जलाओ, जो पढ़ने का सिर्फ बहाना कर रहे हो. आखिर युनिवर्सिटी करने क्या जाते हो? ऊधम मचाने? समाज में गन्दगी फैलाने? शरीफ घरों के बच्चों को बरगलाने?अशिक्षा का ऐसा प्रतिफलन? पथभ्रष्ट युवाओं को कोई तो सही राह पर लाओ.
Shame on you, Dear Students.

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