Tuesday, 29 March 2016

फूलझाडू

फूलझाडू

हम घर का यानि रसोई का सामान फिक्स्ड दाम के बड़े स्टोर से खरीदते हैं जैसे बिग बाजार, स्पेंसर्स, ईज़ी डे से. चीज़ महँगी हो, सस्ती हो, इससे कोई मतलब नहीं, जो चाहिए होता है, जो मन होता है, लेते जाते हैं और बिल चुका देते हैं. एक-एक चीज़ का दाम हमारे घर में शायद किसी को न पता हो, कम से कम मुझे तो नहीं पता. शॉप्रिक्स मॉल में, जहाँ मेरी दुकान है, वहाँ दो बड़े स्टोर हैं, स्पेंसर्स और ईज़ी डे. ई डी एम मॉल में जहाँ मेरी दुकान है, वहाँ है, बिग बाजार। तो कल मैंने शॉप्रिक्स मॉल से घर लौटते हुए अपनी सेल्सगर्ल को 100 रुपये पकड़ाए कि चूँकि दुकान की फूलझाड़ू टूट गई है तो एक फूलझाड़ू खरीद ले. आज सुबह उसका फोन आया, 'मैम, स्पेंसर्स में फूलझाड़ू 161 रुपये की है, मैंने नहीं खरीदी।'

'ठीक है, आज सफाई वाली को बोलो कि सिर्फ पोछा लगा कर जाए. मैं घर से झाड़ू ले आऊँगी,' मैंने उसे निर्देश दिया और घर की कामवाली से कहा, 'एक फूलझाड़ू दुकान के लिए गाड़ी में रख दो.'

वह बोली, 'घर में कोई फ़ालतू झाड़ू नहीं है, एक नीचे के लिए है, ऊपर की झाड़ू ऊपर है, सबसे ऊपर की झाड़ू सबसे ऊपर है, बाहर की झाड़ू अलग है.' मैंने कहा, 'ओए महारानी, तेरा दिमाग खराब हुआ है? तीनों खन के लिए एक झाड़ू इस्तेमाल कर, बाहर के लिए अलग झाड़ू ठीक है. इस तरह घर में दो झाड़ू फ़ालतू हैं. एक गाडी में रख. पता है, झाड़ू कितनी महँगी है? 161 रुपये की.'

'नहीं मम्मी,' बीच में बरखा बोली, '161 की नहीं है, ये जो कॉलोनी में बेचने आता है, वह 150 की देता है. दुकान के लिए उससे खरीद लेंगे. घर से मत ले जाओ.'

'तो 150 कम होते हैं क्या?' मैंने कह कर कॉलोनी के परचूनिये को फोन मिलाया और उससे फूलझाड़ू का दाम पूछा। वह बोला, 'एक 70 की है, प्लास्टिक के हत्थे वाली, एक 80 की, स्टील के हत्थे वाली।'

'तुम 70 वाली एक भिजवा दो,' मैंने उसे घर का नंबर बताया और अपने ऊपर हैरान होती रही कि झाड़ू के दाम इतने बढ़ गए और मुझे पता ही नहीं। और यह भी कि दामों में कहीं एकसारता क्यों नहीं है?

इन बड़े स्टोर में हर चीज़ पर कोई न कोई स्कीम होती है, चार नमकीन लो तो एक नमकीन फ्री, एक अचार को बॉटल के साथ एक फ्री, दो पेप्सी लो तो 10 रुपये कम, एक किलो मटर के पैकेट के साथ 250 ग्राम मटर का पैकेट फ्री, यहाँ तक कि पिछले वर्ष 5 किलो बासमती चावल के पैकेट के साथ 5 किलो का वैसा ही पैकेट फ्री। लेकिन किसी भी स्कीम में झाड़ू फ्री नहीं है. क्या इन सब फ्री की कसर झाड़ू से पूरी कर रहे हैं?

मुझे लग रहा है, झाड़ू का बढ़ा दाम देख कर मेरा पतन हो गया जो आज मुझे झाड़ू पर पोस्ट लिखनी पड़ी. मित्रों, क्षमा करना।

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