Thursday, 31 March 2016

बिज़नेस के अनुभव

बिज़नेस के अनुभव

बिज़नेस के भी बड़े-बड़े अनुभव हैं. हम Handicraft Items बेचते हैं, हमारे शोरूम में एक जगह चस्पां है : No Exchange, No Refund, No Guarantee. एक ग्राहक ने एक बार टिप्पणी कर दी, 'आप तो बड़े ठसके से चीज़ें बेचते हैं.' हमने चाहते हुए भी उनसे यह नहीं कहा कि 'और जनाब, इन चीज़ों का कोई MRP भी नहीं होता।'
एक किस्सा मज़ेदार है. एक बार मेरा छोटा भाई, सगा भाई, मेरे पास घर में पड़ी एक पीतल की शिव की मूर्ति लेकर आया, बोला, 'इसे तुम बेच लो, बिकने के बाद जो ठीक समझो, मुझे दे देना।' मैंने कहा, 'अभी बताओ, कितने पैसे चाहिए?' 'नहीं, नहीं, तुम अपने पास से क्यों दोगी? बिकने पर दे देना।' 'नहीं भाई, तुम इसे जितने रूपये में मुझे देना चाहो, बता दो.' उसने बड़े संकोच से कहा, 'कबाड़ी तो इसके कुछ नहीं दे रहा, क्या 500 ठीक रहेंगे?' मैंने भाई को 600 रुपये पकड़ाए, 'ये लो 600 रुपये, अब यह जितने में भी बिके, बिके-न बिके, मेरी सिरदर्दी।'
मेरी एक स्ट्रेटेजी और है. मैं बहुत अच्छी पे-मास्टर हूँ इसलिए जहाँ-जहाँ से मेरा सामान आता है, वहाँ मुझसे पैसे माँगने की परवाह नहीं की जाती. 'मैडम खुद दे देंगी, कहाँ भागे जा रहे हैं,' मेरे प्रति उनका यह attitude होता है. अकसर मैं उन्हें हैरानी में डालते हुए पूछ बैठती हूँ, 'पेमेंट अभी करना चाहती हूँ, कैश. कितना दूँ?' 'मैडम, कोई जल्दी नहीं है, आप आराम से दें.' 'नहीं नहीं, पचास हज़ार का बिल है, अभी कैश दूँ तो कुछ कम तो करेंगे?' होलसेल कीमत पचास पर पाँच हज़ार आराम से कम हो जाते हैं. बढ़िया रहता है, नकद भुगतान, नो उधार.
हाँ जी, तो मैं भाई से 600 रुपये में शिव की पुरानी मूर्ति लेने की बात बता रही थी. वह असली ऐन्टीक पीस था. मैंने उसे पीतल की मूर्तियों में सबसे आगे सजा दिया। Next day, one foreigner came to my shop and showed his interest in buying that idol of Shiva. I told him, 'This is not for sale..This is of my fore-fathers time. यह बिक्री के लिए नहीं है, यह हमारे पूर्वजों के ज़माने की मूर्ति है.' But he insisted on buying it. I asked him, 'Ok, how much do you want to pay for it?' 'I can pay maximum 5000/- for it,' hesitatingly he said.  'Ok, done,' I said. 'But I don't have Indian Currency.' He told me. 'You can pay me in dollors,' I said as I had no problem in converting them into Indian currency.. My son used to go to USA on regular basis. That time, the rate of dollor was 40/-. I calculated and asked him to pay 125 dollors. He checked his wallet and said, 'Sorry, I've only 120.' I said, 'Never mind, give me 120.' Next day I got it converted into Indian Currency and got about Rs. 5800/-. So that was my salesmanship strategy.
बाद में मैंने भाई को बताया, कहा, 'भाई, आकर और पैसे ले जा.' वह बोला, 'नहीं, जो मेरी किस्मत में था, मुझे मिला, जो तुम्हारी किस्मत में था, तुम्हें मिला। मैं एक मूर्ति बेचने कहाँ जाता, कबाड़ी 100 रुपये भी नहीं दे रहा था, तुमने मेरे 500 कहने पर 600 दिए, मेरे लिए वही बहुत था. इतनी बड़ी दुकान लिए बैठी हो, सैकड़ों मूर्तियों में एक मूर्ति वह भी थी, इसलिए बिक गई, वरना एक अकेली मूर्ति क्या इतनी कीमत पर बिक पाती? मैं कहाँ बेचने जाता?'
अब हम पर तरस खाइए, इसके बावजूद हम हमेशा घाटे में रहते हैं.

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