Thursday, 21 April 2016

संस्मरण लेखन क्या है?

संस्मरण लेखन क्या है?

संस्मरण लेखन क्या है? अन्य व्यक्ति से जुड़ी अपनी स्मृतियों का लेखन. जब हम किसी अन्य व्यक्ति से जुडी अपनी स्मृतियों का लेखन करते हैं, तो हमारा स्व भी उसमें स्वतः आ जाता है. जिस व्यक्ति को हम बहुत नज़दीक से जानते हैं, उसे पहचानने का दावा करते हैं, उसके बारे में यदि कुछ लिखेंगे तो उस लेखन में खुद को अदृश्य नहीं रख सकते. हम उसमें दिखेंगे ही दिखेंगे.
'आम आदमी की ख़ास कहानी : 5 : ज्वाला से ज्वालामुखी तक', इस संस्मरण की अपनी इस सखी पर मैंने तीस-पैंतीस वर्ष पूर्व एक कहानी लिखी थी, 'ढाई आखर प्रेम का'. कहानी में असली स्थितियाँ नहीं लिखी थीं, कल्पना का मिश्रण था, पर संवाद वहाँ भी सच्चे थे. कहानी का अंत यूँ हुआ था : सखी मेरे हाथ से पुस्तक खींच कर परे फ़ेंक देती है और कहती है, 'पोथी पढ़-पढ़ जग मुआ, पंडित भया न कोए. ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित हुए.' और मैं सोचती रह जाती हूँ कि क्या इसने उन ढाई आखरों का अर्थ समझा है? : पर इस संस्मरण का कोई अंत नहीं. ज्वाला (नकली नाम) आज भी मेरी सखी है. जब तक जीवन चलेगा, यह संस्मरण भी चलेगा.
अब पुनः नए सिरे से इस स्मृति को लिखा है, जिसने एक कहानी का रूप ही ले लिया है. सिर्फ नाम नकली है, स्थितियाँ असली हैं. मुझे विश्वास है, यह नव-निर्मित रचना आपको अवश्य रुचेगी. बस, ज़रा सा इंतज़ार और.
मुझे जीवन में विविध प्रकार के लोगों से मिलना हुआ. चाहे उनकी जीवन-शैली से ध्वनित कुछ भी हो, यदि वे मुझसे एक अच्छी कहानी लिखवा गए तो मेरे लिए उनका मिलना किसी दैवीय प्रावधान से कम नहीं था. मैंने सभी कहानियाँ ज़िन्दा पात्रों पर लिखी है. मेरी कहानियों में स्थितियाँ काल्पनिक हो सकती हैं लेकिन चरित्र काल्पनिक नहीं. मुझे अपनी कहानियों के सभी पात्र अत्यन्त प्रिय हैं. मैं अकसर अपने पात्रों से यादों में मिलती हूँ, 'कोई लौटा दे मेरे बीते हुए दिन' की माफ़िक. यह मेरा प्यारा शगल है.
हाँ, चलते-चलते एक बात और. मेरी फेसबुक मित्र Ma Jivan Shaifaly (Shaifaly Topiwala) की रूप-छटा मेरी इस सखी की रूप-छटा से मैच करती है, जिसका नाम मैंने ज्वाला रखा है, और जिसके रूप का खासा वर्णन इस संस्मरण और कहानी में किया है. शैफाली ने अपने जीवन के कठिन दौर की चर्चा फेसबुक पर कई बार की है. सम्भवतः उनके विचार भी कुछ भिन्न तरीके से क्रांतिकारी रहे हों. बहरहाल, सबका कल्याण हो.

2 comments:

  1. रोचक प्रस्तुति
    अग्रिम शुभकामनाएं!

    ReplyDelete