Wednesday, 27 July 2016

भूमिका द्विवेदी का साक्षात्कार

भूमिका द्विवेदी का साक्षात्कार

अब साक्षात्कार लेने वालों ने पूछा तो बताना ही था। हाँ, किस तरह बताया जाए, यह अलग बात है। कह सकती थी कि इस बारे में कृपया अभी न पूछें। अभी मैं सदमे से उबर जाऊँ, उनका अंतिम क्रियाक्रम पूर्ण हो जाए, तब इस पर बात करेंगे। आर्थिक तंगी की बात करती है, खुद कमा नहीं सकती थी? लोगों से सहयोग (भीख) की अपेक्षा करने की बजाय खुद नौकरी करती। पढ़ी-लिखी है, उम्र भी 30 के आसपास होगी। कहीं नौकरी करके आर्थिक तंगी को दूर कर सकती थी।
यह साक्षात्कार 'जागरण' अखबार में छप चुका है। अख़बार ने इसे शीर्षक भी सोच-समझ कर दिया होगा। नीलाभ की शख्सियत एक लेखक, अनुवादक, पत्रकार की रही है, अतः उनकी युवा लेखिका पत्नी द्वारा दिया गया वक्तव्य महत्वपूर्ण है।
जी, विरासत उन्हें ही मिलेगी लेकिन पति की मृत्यु के दो दिन बाद ही पत्नी ऐसे वक्तव्य दे और मृत्यु के अगले दिन ही फेसबुक पर आ जाए तो दुखद आश्चर्य होता है। विचार का मुद्दा यह है।


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