Sunday, 22 January 2017

कहाँ है अपनापन? Kavita 259

कहाँ है अपनापन?

आँखों में सपने
सपनों में अपने
कहाँ है अपनापन?

बाहर हलचल
भीतर दहशत
खून में वहशीपन।

कलकल कलपा
छलछल छलका
लाज का पानीपन।

ना वे बातें
ना मुलाकातें
ना वह प्रेमीपन।

मन आवारा
खुद से हारा
कैसा पागलपन।

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